
फतेहपुर। सदर तहसील क्षेत्र में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी किनारे बसे ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। शनिवार दोपहर करीब एक बजे तक यमुना के जलस्तर में लगभग डेढ़ मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है, लेकिन पानी बढ़ने की रफ्तार ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बांदा-सागर मार्ग के किनारे बह रही यमुना के आसपास करीब 10 से 15 गांवों में बाढ़ का असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। नदी किनारे बसे ग्रामीण लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से यमुना के पानी में तेजी से वृद्धि हो रही है। यदि इसी गति से जलस्तर बढ़ता रहा तो अगले दो-तीन दिनों में निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की मांग बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से लगातार निगरानी कराने के साथ ही संभावित बाढ़ की स्थिति में लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को समय रहते सूचना मिलना जरूरी है, ताकि किसी तरह की जनहानि न हो। राजस्व विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों से भी सतर्क रहने और नदी के किनारे जाने से बचने की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि पानी में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।